How to be happiness in life संसारका एक नाम ‘ दुखालय ' भी है। गीता ( ८ । १५ ) - में भगवान् श्रीकृष्णने संसारको ‘ दुःखालयमशाश्वतम् कहा है ,अर्थात् यह अनित्य जगत् दुखोंसे पू…
त्याग से प्रेम प्रप्ति संसारमें हम सभी लोग जीते हैं और जीवित रहना चाहते हैं ,पर हम सभी जीवित रहना चाहते हैं। अपने सुखके लिये,अपनी इन्द्रियोंकी तृप्तिके लिये ,अपने आरामके लि…
सुख दुःख में सम कैसे रहे सम रहनेका आशय सम रहनेका अर्थ है अनुकूल परिस्थितिमें सुख और प्रतिकूल परिस्थितिमें दुःखका अनुभव न होना । असाध्य शारीरिक रोग , घोर अपमान , परिवारजनों …
ऐसे श्लोक, जो आपके जीवन पर गहरा प्रभाव छोड़ सकतें है ।। परोपकाराय फलन्ति वृक्षाः परोपकाराय वहन्ति नद्यः । परोपकाराय दुहन्ति गावः परोपकारार्थ मिदं शरीरम् ॥ भावार्थ : परोपकार के लिए वृक्ष फल देते हैं, नदीय…
इन्हें दिल में उतारने की आवश्यकता है जो लोग भीतरसे गन्दे रहकर बाहरी सजावटके द्वारा गन्दगीको ढकना चाहते हैं , उनकी गन्दगी घटती नहीं , अपितु बढ़ती है और वे भीतरकी गन्दगीके बुरे फलसे भी नही…